55+ Best Narazgi Shayari in Hindi | नाराज़गी शायरी 2026
नाराज़गी शायरी (Narazgi Shayari) दिल के उन जज़्बातों को खूबसूरती से बयां करने का एक अनोखा तरीका है, जब शब्द कम पड़ जाते हैं और एहसास ज्यादा बोलते हैं। रिश्तों में कभी-कभी छोटी-छोटी बातों पर नाराज़गी होना आम है, लेकिन वही नाराज़गी अगर शायरी के रूप में व्यक्त की जाए तो दिलों के बीच की दूरियाँ भी कम हो सकती हैं।
इस पोस्ट में आपको बेहतरीन नाराज़गी शायरी हिंदी में मिलेगी, जो प्यार, दर्द, रूठना-मनाना और भावनाओं की गहराई को छूने वाली है। चाहे आप अपने पार्टनर को मनाना चाहते हों या अपनी फीलिंग्स को सोशल मीडिया पर शेयर करना चाहते हों, यहाँ दी गई Narazgi Shayari आपके हर मूड के लिए परफेक्ट है।
Narazgi Shayari

नाराजगी भी एक खूबसूरत एहसास है
ये उसी से होती है जो दिल के सबसे पास है !!
तेरी नाराज़गी में भी तेरा ही इंतज़ार है
इस दिल को आज भी तुमसे बेशुमार प्यार है !!
शिकवा तो बहुत है मगर शिकायत नहीं करते
हम अपनी नाराजगी लफ्जों में जाया नहीं करते !!
मेरी नाराज़गी को तुम समझ क्यों नहीं पाते
दिल की बातों को तुम पढ़ क्यों नहीं पाते !!
नाराज़गी का हक भी उसी को दिया है
जिससे सबसे ज्यादा प्यार किया है !!
Narazgi Shayari in Hindi

नाराज़गी में भी तेरा ही ख्याल आता है
दिल तुझसे दूर होकर भी तुझसे ही जुड़ जाता है !!
हमने तो नाराजगी में भी तेरा ख्याल रखा
और तुमने एक बार भी हाल तक न पूछा !!
नाराज़गी भी जरूरी है रिश्तों में कभी-कभी
वरना प्यार की अहमियत कौन समझेगा अभी !!
तेरी एक पल की नाराज़गी भारी लगती है
वरना ज़िन्दगी तो रोज़ इम्तिहान लेती है !!
नाराज़ हैं हम उनसे, मगर शिकवा नहीं करते
दिल की बात दिल में रखकर गिला नहीं करते !!
Dard Narazgi Shayari

नाराज़ हूँ, पर तुझसे मोहब्बत कम नहीं
दूरी है थोड़ी, मगर दर्द कम नहीं !!
नाराज़गी ऐसी थी कि जताई नहीं गई
दिल रोता रहा, आवाज़ नहीं आई !!
तुमसे नाराज़ होकर भी मुस्कुरा देते हैं
दिल के दर्द को हम यूँ छुपा लेते हैं !!
मेरी नाराज़गी को यूँ नजरअंदाज़ मत करना
ये दिल की आवाज़ है, इसे महसूस तो करना !!
खामोशी में छुपी है मेरी नाराज़गी सारी
तुम समझ न पाए, यही है तकलीफ़ हमारी !!
Teri Narazgi Shayari

तेरी नाराज़गी सह नहीं पाते हम
तू पास ना हो तो जी नहीं पाते हम !!
तेरी नाराज़गी भी हमसे क्या कमाल करती है
दिल को दुखाकर भी तेरा ही ख्याल करती है !!
तेरी नाराज़गी भी जरूरी सी लगती है
तभी तो तेरी कदर और बढ़ती है !!
तेरी नाराज़गी में भी एक प्यार सा लगता है
तू दूर होके भी मेरे पास सा लगता है !!
तेरी नाराज़गी से दिल उदास रहता है
वरना ये चेहरा हर पल मुस्कुराता रहता है !!
Love Narazgi Shayari

नाराज़गी भी तुमसे है, शिकायत भी तुमसे
दिल की हर एक मोहब्बत की शुरुआत भी तुमसे !!
नाराज़गी जताने का हक़ भी तुमसे ही है
क्योंकि प्यार भी हमको सिर्फ़ तुमसे ही है !!
तुमसे नाराज़ होकर भी, तुम्हें ही याद करते हैं
ये दिल भी कितना अजीब है, बस तुमसे प्यार करते हैं !!
तुमसे नाराज़ हैं, पर दूर भी नहीं जा सकते
ये कैसी उलझन है कि रूठ भी नहीं सकते !!
तुमसे नाराज़ होकर भी मुस्कुरा लेते हैं
क्योंकि तुम्हारे बिना हम रह नहीं पाते हैं !!
Husband Love Narazgi Shayari

पति हो तुम मेरे, ये हक भी तुम पर है
नाराज़गी भी तुमसे, प्यार भी तुमसे है !!
नाराज़ होकर भी इंतज़ार तेरा ही रहता है
तुम्हारे बिना ये दिल अधूरा सा लगता है !!
नाराज़गी में भी तेरा नाम लेती हूँ
पति हो मेरे, तुमसे ही हर बात कहती हूँ !!
गुस्सा भी तुम पर, प्यार भी तुमसे है
ये दिल हर हाल में बस तुम्हारा ही है !!
नाराज़गी में भी तेरा इंतज़ार रहता है
दिल को हर पल तुझसे ही प्यार रहता है !!
Boyfriend Love Narazgi Shayari

तुमसे नाराज़ होकर भी ये दिल तुम्हारा है
हर धड़कन में बस नाम तुम्हारा है !!
तुमसे नाराज़ रहना भी एक सजा है
क्योंकि हर पल दिल तुम्हें ही चाहता है !!
नाराज़गी में भी तेरा ही नाम लेते हैं
हम तुझसे दूर होकर भी तुझे याद करते हैं !!
नाराज़गी भी तुमसे है और मोहब्बत भी
ये दिल तुम्हारा है, इसमें शिकायत भी !!
हम चुप हैं तो ये मत समझो खुश हैं हम
नाराज़गी लबों तक नहीं, दिल में छुपी है सनम !!
Narazgi Shayari 2 Lines in Hindi

तुमसे नाराज़ हैं, पर दूर नहीं हो सकते
दिल के रिश्ते यूँ आसानी से खत्म नहीं होते !!
इतनी नाराजगी भी ठीक नहीं है ऐ दोस्त
कहीं मनाने वाला खुद ही रूठ न जाए !!
नाराज़गी का ये सिलसिला भी अजीब है
दिल दुखा है मगर छोड़ने का दिल नहीं है !!
नाराज़गी लफ़्ज़ों में नहीं, आँखों में दिखती है
ख़ामोशी ही अक्सर सबसे ज़्यादा कहती है !!
थोड़ी नाराज़गी, थोड़ी सी खामोशी है
शायद यही आजकल हमारी कहानी है !!
Narazgi Shayari in English

Narazgi meri bas ek bahaana hai
Asal mein to tumhara pyaar hee paana hai.
Thodi si khapha hoon tumase aaj
Par dil mein ab bhi tum hee ho khaas.
Teri narazgi ka asar kuch aisa hua
Hansata hua dil bhee aaj ro pada.
Teri narazgi ka gam nahin hai mujhe
Bas tujhe manaane ka mauka mil jae mujhe.
Khaamoshi meri samajh sako to baat hai
Narazgi mein bhi chhupa pyaar khaas hai.
