55+ Best Nafrat Shayari in Hindi | नफ़रत शायरी 2026
अगर आप दिल के टूटे एहसासों, दर्द भरी यादों और रिश्तों में छिपी कड़वाहट को शब्दों में ढालना चाहते हैं, तो Nafrat Shayari आपके जज़्बातों को बयां करने का सबसे बेहतरीन ज़रिया है। नफ़रत शायरी सिर्फ गुस्से का इज़हार नहीं होती, बल्कि यह उन अनकहे दर्द, धोखे और टूटे भरोसे की कहानी भी कहती है जो दिल में गहराई तक बस जाते हैं।
इस पोस्ट में आपको बेहतरीन नफरत शायरी हिंदी में, 2 लाइन नफरत शायरी, दर्द भरी नफरत शायरी, और एटीट्यूड से भरी नफरत शायरी का खास कलेक्शन मिलेगा, जिसे आप अपने जज़्बातों के हिसाब से शेयर कर सकते हैं। चाहे आप किसी से नाराज़ हों, खुद से नफरत महसूस कर रहे हों, या ज़िंदगी के प्रति कड़वाहट हो, यहां हर एहसास के लिए खास शायरी मौजूद है।
Nafrat Shayari

नफरत की आग जो तुमने इस दिल में लगाई है
तुमसे ही नही मोहब्बत से भी हमें नफरत हुई है !!
नफ़रतों का शहर है, यहाँ मोहब्बत नहीं मिलती
हर चेहरे पे नक़ाब है, असलियत नहीं दिखती !!
जिनसे थी बेइंतहा मोहब्बत उसने ही धोखा डिआ है
नफरत की आग लगाकर हमको रुसवा किया है !!
मोहब्बत की थी तो सिर आंखों पर बिठाया था
नफरत करेंगे तो नजरें उठाना भी गंवारा न होगा !!
तेरी बेरुख़ी ने इतना बदल दिया मुझे
अब तुझसे मोहब्बत से ज़्यादा नफ़रत है मुझे !!
Dard Nafrat Shayari

नफरतें लाख मिलीं पर मोहब्बत न मिली
ज़िन्दगी बीत गयी मगर राहत न मिली !!
दर्द इतना मिला कि नफ़रत बन गया
जो अपना था वही सबसे अजनबी बन गया !!
तेरी नफरत से भी हमने प्यार किया था
मगर तुमने हमे दर्द और जख्म दिया था !!
नफ़रत की आग में जलकर भी मुस्कुराते रहे
तुमने ज़ख़्म दिए और हम वफ़ा निभाते रहे !!
पहले इश्क़, फिर दर्द, फिर बेहद नफरत
बड़ी तरकीब से तबाह किया तुमने मुझको !!
Attitude Nafrat Shayari

अब न मोहब्बत की तलाश है और न वफा की उम्मीद
बस नफरत का दौर है और अकेले रहने की जिद !!
नफ़रत करते हैं तो खुलकर करते हैं
हम झूठी मोहब्बत का दिखावा नहीं करते हैं !!
हमारी नफ़रत भी उतनी ही खास है
जितनी हमारी मोहब्बत लाजवाब है !!
जिसे हम पसंद नहीं, वो दूर ही रहे
हमारी नफ़रत भी थोड़ी मशहूर ही रहे !!
नफ़रत है तुझसे, अब ये बता दिया है
दिल से निकाल कर तुझे सजा दिया है !!
Nafrat Shayari in Hindi

लेकर के मेरा नाम वो मुझे कोसता है
नफरत ही सही पर वो मुझे सोचता तो है !!
हौसला इतना था कि समंदर भी पार कर लेते
पर तेरी नफरत ने हमें किनारे पर ही डुबो दिया !!
ना मेरा प्यार कम हुआ, ना उनकी नफरत
अपना अपना फर्ज था, दोनों अदा कर गये !!
नही हो अब तुम हिस्सा मेरी किसी हसरत के
तुम काबिल हो तो बस नफ़रत के !!
हाथ थामा था जिसने साथ निभाने के लिए
वही छोड़ गया नफ़रत की पहचान देने के लिए !!
Rishte Nafrat Shayari

तुम से रिश्ता अब कुछ ऐसा है
ना नफ़रत है, ना इश्क़ पहले जैसा है !!
कुछ अजीब सा रिश्ता है, उसके और मेरे दरमियां
न नफ़रत की वजह मिल रही, न मोहब्बत का सिला !!
तुझसे अब कोई रिश्ता नहीं रखना मुझे
नफ़रत ही सही, अब बस यही रखना मुझे !!
नफ़रत भी अब सुकून देने लगी है
तेरी यादों से ये जान छुड़ाने लगी है !!
रिश्तों की किताब में कुछ पन्ने जले हुए मिले
जहाँ अपनापन था कभी, आज नफ़रत के आसार मिले !!
Nafrat Shayari 2 Line

दिल में नफ़रत लिए फिरते हैं लोग यहाँ
मुस्कुराते हैं मगर जहर रखते हैं यहाँ !!
मैं काबिल-ए-नफरत हूँ तो छोड़ दे मुझको
तू मुझसे यूँ दिखावे की मोहब्बत न कर !!
ज़िक्र तेरा आए तो अब हम बात बदल देते हैं
तेरी नफरत ने हमें इतना समझदार बना दिया !!
तुम्हारी यादें भी अब चुभने लगी हैं
इश्क़ की जगह दिल में नफ़रत बसने लगी है !!
एक नफरत ही है जिसे दुनिया चंद लम्हों में जान लेती है
वरना चाहत का यकीन दिलाने में तो ज़िंदगी बीत जाती है !!
Attitude Nafrat Shayari For Girls

दिल तोड़ने वालों से अब रिश्ता नहीं रखते
हम अपनी नफ़रत भी बड़े स्टाइल से करते !!
हम लड़कियाँ हैं जनाब, दिल से खेलना नहीं आता
नफ़रत करें तो खुलकर, वरना दिखावा नहीं आता !!
नफ़रत है मुझे तेरी सोच से, तेरे अंदाज़ से नहीं
मैं अपनी दुनिया में खुश हूँ, किसी के साथ से नहीं !!
अब ना मोहब्बत की चाह है, ना किसी का इंतज़ार
मेरी नफ़रत ही अब मेरी पहचान है हर बार !!
तू क्या जाने मेरी औकात क्या है
मेरी नफ़रत में भी एक अलग बात है !!
Khud Se Nafrat Shayari

अपने ही फैसलों ने तोड़ दिया मुझे
अब खुद से नफ़रत ने जोड़ दिया मुझे !!
खुद से ही लड़ता हूँ, खुद से ही हार जाता हूँ
आईने में भी अब मैं अजनबी नज़र आता हूँ !!
हर गलती का इल्ज़ाम खुद पर डाल लिया
इस तरह मैंने खुद से रिश्ता बिगाड़ लिया !!
खुद से भागते-भागते थक गया हूँ
नफ़रत के साए में खुद ही खो गया हूँ !!
जो टूटे हैं अंदर से, वो मुस्कुराते बहुत हैं
खुद से नफ़रत रखने वाले, खुद को मिटाते बहुत हैं !!
Pyar Se Nafrat Shayari

अब न प्यार है, न कोई एहसास बाकी है
बस तेरे नाम से ही नफ़रत काफ़ी है !!
तेरी हर बात से अब चिढ़ सी होने लगी है
मोहब्बत खत्म, अब नफ़रत होने लगी है !!
जिसे चाहा था कभी जान से ज्यादा
आज उसी से नफ़रत है हद से ज्यादा !!
इतना चाहा था उसे कि खुद से नफ़रत हो गई
जब उसने छोड़ दिया, तो प्यार से नफ़रत हो गई !!
वो मोहब्बत ही क्या जिसमे प्यार ना हो
वो नफरत ही क्या जिसमे तकरार ना हो !!
Zindagi Se Nafrat Shayari

ज़िंदगी से अब नफ़रत सी होने लगी है
हर खुशी भी अधूरी सी लगने लगी है !!
थक गया हूँ इस ज़िंदगी के सफर से
अब नफ़रत सी हो गई है ज़िंदगी से !!
हँसते हुए भी दर्द छुपाना पड़ता है
ज़िंदगी से नफ़रत का एहसास बढ़ता है !!
जिस ज़िंदगी को जीने का शौक़ था कभी
आज उसी ज़िंदगी से नफरत हो गयी !!
हर दिन एक नई चोट दे जाती है
ज़िंदगी अब नफ़रत सी लगती है !!
